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यतीन्द्र राही

जन्मः ३१ दिसंबर १९२६, भागैल, मैनपुरी, उ.प्र.
शिक्षाः एम.ए. बी.एड.,
संप्रतिः अहीर कॉलेज शिकोहाबाद, आगरा कॉलेज, आगरा, शिक्षा महाविद्यालय भोपाल से सेवा निवृत्त होने के बाद स्वतंत्र लेखन

लेख, कहानी, कविता, एकांकी, समीक्षा। हिंदी पत्र-पत्रिकाओं, पुस्तकों, स्मृति-ग्रंथों एवं भारत प्रतिरक्षा मंत्रालय से अनेक स्फुट रचनाएँ प्रकाशित।

पुस्तकें- पुष्पांजलि, बाँसुरी, तितली बादल मोर कबूतर (बाल-काव्य), दर्द पिछड़ी ज़िंदगी का, रेशमी अनुबंध, बाँहों भर आकाश (प्रस्तुत), अमलताश शब्दों के, निराला (खंड काव्य)

 

अनुभूति में यतीन्द्र राही की रचनाएँ

नए गीतों में-
कोई उत्सव नहीं मना
उपवन को ही ज्ञात नहीं
डरा डरा घबराया सा दिन
बिलकुल बंजर

गीतों में-
आँख में
कहाँ गए
कुछ रुक लो
ख़त में तुमने भेज दिया
चलो चल दें
झर गए वे पात
दिन गए रातें गईं
दूर देश की चित्र सारिका
सज गई है
हो गया है प्राण कोकिल

 

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