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स्वाती भालोटिया

जन्म कलकत्ता में हुआ और कलकत्ता विश्वविद्यालय से हिन्दी में बी. ए. और फिर बी.एड. किया । हिन्दी में अपनी कोशिशों और सर्वाधिक अंकों के कारण हर वर्ष पुरस्कार मिलते रहे।

माँ से हिन्दी-रचना की प्रेरणा पाकर 18 वर्ष की उम्र से लिखना शुरु किया और यह सिलसिला जारी है। अमृता प्रीतम उनकी प्रिय लेखिका हैं। फिलहाल 2 वर्षों से दुबई में हैं और दसवीं कक्षा तक के बच्चों को पढ़ाती हैं।

चिट्ठा http://www.kavitavali.blogspot.com/
ई मेल swati_bhalotia@yahoo.com

 

 

अनुभूति में स्वाती भालोटिया की रचनाएँ

हाइकु में-
दस हाइकु

कविताओं में-
चार छोटी कविताएँ- मन मृत्तिका, मन नमन, प्रेम तुम्हारा, जो तुम आ जाते एक बार

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